Sansad Diary: हंगामेदार रहा Budget Session का पहला चरण, 9 मार्च तक कार्यवाही स्थगित
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख M. M. Naravane के संस्मरण से जुड़े विवादों के बीच संसद का बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया। कई दिनों तक तीखी बहस और हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही 9 मार्च तक स्थगित कर दी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त संबोधन के साथ हुई थी। कुल 65 दिनों की अवधि में 30 बैठकें निर्धारित हैं। मध्यावधि अवकाश के दौरान स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों के अनुदान मांगों की जांच करेंगी।
लोकसभा में हंगामा, प्रश्नकाल नहीं चल सका
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा 2 फरवरी से शुरू हुई थी। नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के भाषण के दौरान एक टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया, जिससे सदन में व्यवधान उत्पन्न हुआ। हंगामे के कारण प्रधानमंत्री Narendra Modi का जवाब नहीं हो सका।
हालांकि, इसी सप्ताह आम बजट पर चर्चा हुई, जिसका जवाब वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने दिया।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव
राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं देने और आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पद से हटाने के प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस पर विचार बजट सत्र के दूसरे चरण में किया जा सकता है।
राज्यसभा में भी गरमाया माहौल
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा 2 फरवरी से शुरू हुई थी, जिसका जवाब प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी को दिया।
उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा 9 मार्च से शुरू हुई थी और वित्त मंत्री ने 12 फरवरी को जवाब दिया। हाल ही में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक भी पारित किया गया।
आज की प्रमुख कार्यवाही
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Sanjay Singh (आम आदमी पार्टी) ने राज्यसभा में सेना भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुद्दा उठाया और भर्ती प्रक्रिया में देरी पर चिंता जताई।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J. P. Nadda ने लोकसभा में कहा कि कोडीन आधारित कफ सिरप से जुड़ी मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य Sajjad Ahmad Kichloo ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों के प्रवेश मुद्दे को राज्यसभा में उठाया।
निष्कर्ष
Sansad Diary के अनुसार, बजट सत्र का पहला चरण राजनीतिक टकराव और हंगामे के बीच समाप्त हुआ। अब 9 मार्च से शुरू होने वाले दूसरे चरण में अनुदान मांगों और विधायी कार्यों पर चर्चा केंद्र में रहेगी।
संसद के अगले चरण में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।


