तहसील जालालाबाद के ग्राम चमरपुरा खुर्द में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े बाग पर कब्जा, मारपीट और फायरिंग के बाद भी पुलिस-प्रशासन ने 15 फरवरी 2026 से आज तक FIR दर्ज नहीं की है। पीड़ित किसान महावीर पुत्र मलिखान न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्राप्त जानकारी के अनुसार, महावीर का गाटा संख्या 93, 94 पर बाग स्थित है। आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग उस पर कब्जा करना चाहते हैं। 15 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे आरोपी बाग से लकड़ी काट रहे थे। जब महावीर ने विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया। प्रार्थना पत्र में सनसनीखेज आरोप है कि एक आरोपी ने लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की, जिसमें महावीर बाल-बाल बचा। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने उसकी जान बचाई।
5 महीने बीते, कार्रवाई शून्य
पीड़ित ने उसी दिन उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर FIR और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन 15 फरवरी से 20 जुलाई 2026 तक यानी पूरे 5 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
महावीर का आरोप है कि ये आरोपी भू-माफिया की तरह काम करते हैं और गांव के कई गरीब किसानों की जमीन पर कब्जा कर चुके हैं।
पीड़ित का दर्द
“मेरे पास गवाह हैं, मेडिकल है, प्रार्थना पत्र की रिसीविंग है, फिर भी FIR नहीं लिखी गई। 5 महीने से थाने-तहसील के चक्कर काट रहा हूं। साहब, क्या गरीब को न्याय पाने के लिए भी सिफारिश चाहिए? या फिर मेरी लाश गिरने का इंतजार है?” — रोते हुए महावीर ने बताया। सवाल प्रशासन से
जब घटना के सबूत, गवाह और पीड़ित का मेडिकल मौजूद है, तो FIR दर्ज करने में देरी क्यों? क्या भू-माफियाओं को किसी का संरक्षण प्राप्त है? क्या जालालाबाद में गरीब किसान की जमीन और जान की कोई कीमत नहीं? नोट: खबर प्रकाशित होने तक इस मामले में कोई अधिकारी बयान देने के लिए उपलब्ध नहीं हो सका।)_
ब्यूरो रिपोर्ट प्रभात कुमार शाहजहांपुर

