रिपोर्टर: पैडा वाले बाबा गोविंद दास | स्थान: बस्ती, उत्तर प्रदेश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में वर्ष 2027 में बागेश्वर धाम सरकार की भव्य और दिव्य कथा आयोजित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी पैदल धाम के संस्थापक गोविंद दास ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बस्ती से बागेश्वर धाम तक लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा की, जिसे उन्होंने 36 दिनों में पूरा किया।
गोविंद दास ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि समाज में एकता, सनातन संस्कृति के संरक्षण और जनजागरण का संदेश देना भी था। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात बागेश्वर धाम सरकार से हुई, जहां वर्ष 2027 में बस्ती में कथा आयोजन का आश्वासन दिया गया।
36 दिनों में पूरी की 600 किलोमीटर की कठिन यात्रा
गोविंद दास ने बताया कि उन्होंने दृढ़ संकल्प और आस्था के साथ बस्ती से बागेश्वर धाम तक की लगभग 600 किलोमीटर लंबी यात्रा पैदल तय की। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं थी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सनातन संस्कृति को मजबूत करने का एक अभियान भी था। यात्रा के दौरान कई लोगों ने उनका स्वागत किया और उनके संकल्प का समर्थन किया।
बस्ती में सनातन महाकुंभ जैसा होगा आयोजन
प्रेस वार्ता के दौरान गोविंद दास ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाला आयोजन केवल एक कथा कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह सनातन समाज का एक विशाल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महोत्सव होगा।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना, नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने इसे बस्ती के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
बागेश्वर धाम सरकार ने दिया आयोजन का वचन
गोविंद दास ने बताया कि बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात परमपूज्य महाराज जी से हुई। इस दौरान उन्होंने बस्ती में कथा आयोजन का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने दावा किया कि महाराज जी ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और वर्ष 2027 के मार्च या अप्रैल महीने में बस्ती में कथा आयोजित करने का वचन दिया। इस अवसर पर उन्होंने राजू दास महाराज का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी बात को प्रभावी ढंग से आगे रखने में सहयोग किया।
यात्रा के दौरान आईं कई कठिनाइयां
गोविंद दास ने बताया कि पूरी यात्रा आसान नहीं थी। रास्ते में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों ने भी यात्रा में व्यवधान डालने की कोशिश की।
इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का स्मरण और श्रद्धालुओं का सहयोग उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना रहा।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प को कमजोर नहीं होने दिया और यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया।
सनातन समाज को एकजुट करने का संदेश
गोविंद दास ने कहा कि समाज को एकजुट करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोना था।
उन्होंने गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित के कार्यों को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, यदि समाज एकजुट होकर कार्य करेगा तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
आयोजन के लिए बनेगी विशेष समिति
उन्होंने जानकारी दी कि कथा आयोजन को सफल बनाने के लिए जल्द ही एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में समाज के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को शामिल किया जाएगा।
यह समिति आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेगी और अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करेगी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर प्रेस वार्ता के माध्यम से जनता को आयोजन से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।
लोगों से किया सहयोग का आह्वान
गोविंद दास ने बस्ती जिले के सभी सनातन धर्मावलंबियों से अपील की कि वे अभी से इस आयोजन के लिए तैयारियां शुरू करें।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी लोगों को तन, मन और धन से सहयोग करना होगा। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी इस आयोजन की सफलता के लिए आवश्यक होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का कार्यक्रम होगा।
भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश
प्रेस वार्ता के अंत में गोविंद दास ने भगवान श्रीराम और ऋषि-मुनियों के जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि बड़े संकल्पों को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने अनेक चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्यों का पालन किया, उसी प्रकार वे भी अपने संकल्प को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने भरोसा जताया कि समाज के सहयोग और भगवान की कृपा से वर्ष 2027 का यह आयोजन बस्ती के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।
निष्कर्ष
बस्ती में वर्ष 2027 में प्रस्तावित बागेश्वर धाम सरकार की कथा को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर उत्साह का माहौल बनना शुरू हो गया है। 36 दिनों की 600 किलोमीटर लंबी पदयात्रा ने इस संकल्प को नई पहचान दी है।
आने वाले समय में समिति गठन, तैयारियों और जनसहभागिता के माध्यम से इस आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। यदि सभी वर्गों का सहयोग मिलता है तो यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।

