रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आयोजित हुई विशेष गोष्ठी
प्रयागराज कमिश्नरेट में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान पुलिस उपायुक्त अपराध एवं नोडल साइबर क्राइम ने साइबर क्राइम सेल और थाना स्तर पर गठित साइबर सेल के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
यह बैठक पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश के निर्देशन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक साइबर क्राइम की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में संपन्न हुई।
त्रिवेणी सभागार में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
17 जून 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी सभागार में आयोजित गोष्ठी में साइबर अपराधों से जुड़े मामलों के निस्तारण पर विशेष फोकस किया गया। इस दौरान साइबर क्राइम सेल और सभी थाना स्तर के साइबर सेल नोडल अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
बैठक में अधिकारियों को GRM, MRM और SAMANVAYA पोर्टल के संचालन का लाइव डेमो भी दिखाया गया, ताकि साइबर मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
GRM पोर्टल के प्रभावी संचालन पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि Grievance Redressal Module (GRM) पोर्टल पर आने वाले सभी लंबित आवेदनों का समय पर निस्तारण किया जाए।
अधिकारियों को बताया गया कि इस पोर्टल के माध्यम से बैंक खातों पर लगाए गए होल्ड, फ्रीज या लियन को हटाने के लिए नागरिक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित साइबर सेल जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है।
वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में MRM पोर्टल की भूमिका
बैठक में Money Restoration Module (MRM) पोर्टल की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि इस पोर्टल के जरिए साइबर ठगी के शिकार लोग अपने बैंक खातों में रोकी गई धनराशि को वापस पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
साइबर सेल जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार धनराशि की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
लंबित शिकायतों के निस्तारण के दिए निर्देश
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष निर्देश जारी किए गए:
- GRM और MRM पोर्टल का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।
- सभी लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
- Reassign की गई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
- SAMANVAYA पोर्टल पर लंबित नोटिसों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
- साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली अपनाई जाए।
साइबर फ्रॉड होने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि धनराशि को सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ सके।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाए जाएं।
थाना स्तर पर मजबूत होगी साइबर निगरानी
पुलिस उपायुक्त अपराध ने कहा कि थाना स्तर पर गठित साइबर सेल को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा। प्रत्येक अधिकारी को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर साइबर अपराधों की जांच को तेज और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इससे आम नागरिकों को साइबर अपराध से जुड़े मामलों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने किया प्रतिभाग
इस गोष्ठी में प्रभारी साइबर सेल अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा कमिश्नरेट क्षेत्र के सभी थानों पर गठित साइबर सेल के नोडल पुलिस अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया।
बैठक का उद्देश्य साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा तेज बनाना रहा।
निष्कर्ष
प्रयागराज पुलिस द्वारा आयोजित यह विशेष गोष्ठी साइबर अपराधों की रोकथाम और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। GRM, MRM और SAMANVAYA जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से साइबर शिकायतों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम जनता की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

