Thursday, August 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशमिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत गोरखपुर पुलिस का जागरूकता अभियान, महिलाओं और...

मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत गोरखपुर पुलिस का जागरूकता अभियान, महिलाओं और बालिकाओं को बताए गए सुरक्षा के अधिकार

रिपोर्टर: शेषनाथ पाठक
स्थान: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर चला विशेष अभियान

गोरखपुर जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मिशन शक्ति फेज-5.0” के दूसरे चरण के अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी के पर्यवेक्षण में आयोजित इस अभियान के दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाना, उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर के सहायता लेने के लिए प्रेरित करना रहा।

जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के तहत सभी थानों पर गठित मिशन शक्ति टीमों, पीआरवी कर्मियों और अन्य पुलिस बल ने स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं से संवाद स्थापित किया गया तथा उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर पुलिस और प्रशासन उनकी सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध हैं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है। इसी सोच के साथ लोगों को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया।

महिलाओं से जुड़े कानूनों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा बाल श्रम से संबंधित कानूनों के बारे में सरल भाषा में समझाया गया।

इसके साथ ही महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध होने वाले अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर पीड़ित बिना झिझक उचित कदम उठा सकें।

सरकारी योजनाओं से भी कराया गया अवगत

पुलिस टीमों ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाना है।

महिलाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की सहायता, परामर्श या कानूनी सहयोग की आवश्यकता होने पर वे संबंधित विभागों और प्रशासनिक संस्थाओं से संपर्क कर सकती हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका समझाई

कार्यक्रम में जिला न्यायालय परिसर में संचालित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को यहां निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। महिलाओं को यह भी बताया गया कि यदि वे किसी कानूनी समस्या का सामना कर रही हैं तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

इस दौरान उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न योजनाओं और कानूनी अधिकारों से संबंधित जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए ताकि वे भविष्य में भी इन जानकारियों का उपयोग कर सकें।

हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी

जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति, उत्पीड़न, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या अन्य अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। समय पर दी गई सूचना से पुलिस शीघ्र कार्रवाई कर सकती है और पीड़ित को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

समाज की भागीदारी पर दिया गया जोर

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी आवश्यक है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन यदि महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें तो अपराधों में कमी लाई जा सकती है।

निष्कर्ष

गोरखपुर पुलिस द्वारा “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत चलाया गया यह विशेष जागरूकता अभियान महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी सहायता के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रत्येक महिला स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मविश्वासी महसूस कर सके।

RELATED ARTICLES

बाराबंकी के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, प्रसव के बाद ऑपरेशन में पेट में छोड़ दी गांज; मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

स्टेट हेड प्रियांशु मिश्रा बाराबंकी। जिले के फतेहपुर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता निशा देवी ने मुख्यमंत्री...

सहज रिटेल कम्पनी दे रही है झांसा: नहीं कर पा रहे हा जन सेवा केन्द्र संचालक ठीक से काम

तहसील फतेहपुर बाराबंकी : सहज रिटेल कम्पनी द्वारा हर ग्राम में अपने जन सेवा केन्द्र संचालक जुड़े हुए है जो ग्रामीण सेवाएँ प्रदान करते...

तंबौर मे झोला छाप डॉक्टर के गलत इलाज से बच्चे की मौत

तंबौर (सीतापुर)  सीतापुर में झोलाछाप के इलाज के बाद बच्चे की मौत, क्लीनिक सील बेहटा (सीतापुर)। बुखार से पीड़ित छह वर्षीय बच्चे की झोलाछाप से इलाज...

Most Popular

Recent Comments

ЁЯФ┤
рд╕рдВрдпреБрдХреНрдд рдЙрджреНрдпреЛрдЧ рд╡реНрдпрд╛рдкрд╛рд░ рдордВрдбрд▓ рдХреА рдмреИрдардХ рд▓рдЦрдирдК рдЧреЛрдорддреА рдирдЧрд░ рдореЗрдВ рд╕рдореНрдкрдиреНрди рд╣реБрдИ тАв рдЧрдгрддрдВрддреНрд░ рджрд┐рд╡рд╕ рдХреА рдкреВрд░реНрд╡ рд╕рдВрдзреНрдпрд╛ рдкрд░ рдЖрдо рдЖрджрдореА рдкрд╛рд░реНрдЯреА рдХреА рддрд┐рд░рдВрдЧрд╛ рдкрджрдпрд╛рддреНрд░рд╛ тАв рдбреЙ. рдиреЗрд╣рд╛ рд╕реЛрд▓рдВрдХреА рдХреЛ рдорд┐рд▓рд╛ рдЧрд┐рдиреАрдЬ рд╡рд░реНрд▓реНрдб рд░рд┐рдХреЙрд░реНрдб рдкреНрд░рдорд╛рдгрдкрддреНрд░
Enable Notifications OK No thanks