सीतापुर। जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने मंगलवार शाम महोली क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण कर खाद वितरण व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरकों का मिलान कराया, जो सही पाया गया। जिलाधिकारी ने किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा बिक्री प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीएम ने सबसे पहले विकास खंड महोली स्थित आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र रिछाही का निरीक्षण किया। यहां पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक एवं उपलब्ध उर्वरकों का मिलान कराया गया। केंद्र पर एनपीके 20:20:0:13 की 61 बोरी तथा यूरिया की 1351 बोरी उपलब्ध मिली, जिसका रिकॉर्ड से मिलान सही पाया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बिक्री रजिस्टर में दर्ज किसान सतीश पुत्र लालजी निवासी सेमरहन से मोबाइल फोन पर बातचीत कर उर्वरक खरीद की जानकारी ली। किसान ने बताया कि उसे निर्धारित मूल्य पर दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराई गई है तथा किसी प्रकार की टैगिंग नहीं की गई। किसान ने बताया कि उसने अपनी पांच बीघा गन्ने की फसल के लिए यूरिया खरीदी है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मै. एग्रोजंक्शन वन स्टॉप शॉप, चमारबाग का निरीक्षण किया। यहां भी पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक का मिलान कराया गया, जो सही पाया गया। केंद्र पर एनपीके 12:32:16 की 164 बोरी, एनपीके 20:20:0:13 की 67 बोरी, डीएपी की 179 बोरी तथा यूरिया की 320 बोरी उपलब्ध मिली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों को उनकी फसल की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसान आईडी का सत्यापन, बिक्री पंजिका में किसानों का विवरण दर्ज करने, उर्वरकों की दर एवं अनुदान संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने, स्टॉक बोर्ड को अद्यतन रखने तथा प्रत्येक किसान को कैश रसीद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि खाद वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने तथा खाद बिक्री केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ब्यूरो रिपोर्टर : सत्य प्रकाश शुक्लासीतापुर

