रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो चीफ बस्ती
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बढ़ती जीवनशैली संबंधी समस्याओं में हाई ब्लड प्रेशर बड़ी चुनौती
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। बस्ती जिला अस्पताल के आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा ने बताया कि आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए वात और पित्त दोष को संतुलित करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियां, संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
अर्जुन की छाल हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
डॉ. वर्मा के अनुसार अर्जुन की छाल हृदय संबंधी समस्याओं में अत्यंत उपयोगी मानी जाती है। इसका काढ़ा पीने से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार बेहतर होता है।
आयुर्वेद में अर्जुन को हृदय के लिए महत्वपूर्ण औषधि माना गया है और इसका नियमित एवं चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार सेवन लाभदायक हो सकता है।
तनाव कम करने में सहायक है अश्वगंधा
तनाव के कारण बढ़ने वाले रक्तचाप को नियंत्रित करने में अश्वगंधा उपयोगी मानी जाती है। डॉ. वर्मा ने बताया कि सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ अश्वगंधा पाउडर का सेवन मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
हालांकि किसी भी औषधि का नियमित सेवन शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।
त्रिफला से सुधरता है पाचन तंत्र
आयुर्वेद के अनुसार पाचन तंत्र का स्वास्थ्य पूरे शरीर के संतुलन से जुड़ा होता है। त्रिफला चूर्ण का सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और शरीर में वात-पित्त संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि रात में सोते समय गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से कई लोगों को लाभ मिल सकता है।
घरेलू उपाय भी हो सकते हैं सहायक
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी उपयोगी माने जाते हैं।
लहसुन का सेवन
लहसुन में पाए जाने वाले तत्व रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन कई लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।
आंवले का रस
आंवला विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। इसका सेवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
नींबू पानी और नारियल पानी
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए बिना अतिरिक्त नमक या चीनी के नींबू पानी तथा नारियल पानी उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
मेथी दाना
मेथी दाना कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप नियंत्रण में सहायक माना जाता है। हालांकि इसकी मात्रा और उपयोग के संबंध में विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है।
खान-पान में बदलाव जरूरी
डॉ. वर्मा ने बताया कि केवल दवाइयों के भरोसे रहने के बजाय जीवनशैली में सुधार करना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि:
- नमक का सेवन सीमित करें।
- अत्यधिक प्रोसेस्ड और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से बचें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और संतुलित आहार लें।
- केला, तरबूज और पालक जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
योग और व्यायाम का महत्व
आयुष चिकित्साधिकारी ने कहा कि योग और नियमित व्यायाम उच्च रक्तचाप नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि प्रतिदिन:
- 15 से 20 मिनट अनुलोम-विलोम करें।
- गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
- कम से कम 30 मिनट तेज गति से टहलें।
- तनाव कम करने के लिए ध्यान और योग अपनाएं।
इन उपायों से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर रहते हैं।
होम्योपैथी में भी उपलब्ध हैं उपचार विकल्प
डॉ. वर्मा ने बताया कि होम्योपैथी पद्धति में भी उच्च रक्तचाप के लिए कई औषधियां उपलब्ध हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी होम्योपैथिक दवा का सेवन केवल योग्य चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मरीज की आयु, स्वास्थ्य स्थिति, रक्तचाप का स्तर और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखकर ही उपचार निर्धारित किया जाता है।
चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई ब्लड प्रेशर एक “साइलेंट किलर” की तरह काम कर सकता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते। इसलिए नियमित रक्तचाप जांच, चिकित्सकीय परामर्श और निर्धारित उपचार का पालन करना बेहद आवश्यक है।
यदि किसी व्यक्ति का रक्तचाप लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो उसे स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष
बस्ती जिला अस्पताल के आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा के अनुसार आयुर्वेद, संतुलित जीवनशैली, योग और उचित खान-पान के माध्यम से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
नियमित जांच, तनाव नियंत्रण, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर समस्या से बचाव किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।

