स्टेट हेड प्रियांशु मिश्रा
फतेहपुर बाराबंकी। पत्रकारिता जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार विजय राम जायसवाल का निधन हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों में गहरा दुख देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
विजय राम जायसवाल लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे और उन्होंने अपने निष्पक्ष एवं निर्भीक लेखन से समाज में एक अलग पहचान बनाई थी। वे हमेशा सच को सामने लाने और जनता की आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनके लेख और रिपोर्ट्स आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते थे, जिसके कारण वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे।
उनका पत्रकारिता सफर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया। वे न सिर्फ एक पत्रकार थे, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने वाले जागरूक नागरिक भी थे। उन्होंने हमेशा अपने कार्य को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया, जिससे वे युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा बन गए।
उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के कई पत्रकार संगठनों और गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए पलों को याद कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि विजय राम जायसवाल जैसे निष्पक्ष और निडर पत्रकार का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनके सहयोगियों का कहना है कि वे हमेशा सच्चाई के पक्ष में खड़े रहते थे और कभी भी किसी दबाव में आकर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे नई पीढ़ी के पत्रकारों को भी सही मार्गदर्शन देते थे और उन्हें ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते थे।
परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल बेहद गमगीन था और हर किसी की आंखें नम थीं। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विजय राम जायसवाल का जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके द्वारा किए गए कार्य और उनके सिद्धांत हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
अंत में यही कहा जा सकता है कि विजय राम जायसवाल ने अपने जीवन में जो योगदान दिया, वह हमेशा याद रखा जाएगा। वे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनके विचार और उनका काम हमेशा जीवित रहेगा। 🕯️

