केराकत थाना क्षेत्र के बकुलियाँ बाजार में सोमवार देर रात अज्ञात तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना से क्षेत्र में तनाव फैल गया। सुबह जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया और विरोध स्वरूप जौनपुर-खुज्जी मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बकुलियाँ बाजार में एकत्र हो गए। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। देखते ही देखते स्थिति संवेदनशील हो गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आया। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष केराकत और उपजिलाधिकारी केराकत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही प्रतिमा को पुनः स्थापित कराया जाएगा। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि प्रशासन की तत्परता से बड़ा विवाद टल गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में असंतोष और विभाजन की भावना को बढ़ा सकती हैं।
बकुलियाँ बाजार की यह घटना केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता की परीक्षा भी है—जहां त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ आपसी विश्वास बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

