जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से गुरुवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति उनके संकल्प को दर्शाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व विधायक सुषमा पटेल ने ‘नारी शक्ति वंदन’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की संस्कृति को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि नारी शक्ति का वंदन हर घर और हर गली में गूंजे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के हितों के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना भी की।![]()
कुलसचिव केश लाल ने बताया कि विश्वविद्यालय इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे प्रयास विद्यार्थियों में नैतिकता और सम्मान की भावना विकसित करेंगे, साथ ही उन्हें अपने दायित्वों और कर्तव्यों का बोध भी कराएंगे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज-सेवी बनाना है। उन्होंने इस पदयात्रा को छात्रों को नारी सम्मान के प्रति जागरूक करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल करके भारत सरकार की वेबसाइट पर ‘नारी शक्ति वंदन’ के पक्ष में अपना समर्थन देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के तहत यह पदयात्रा मुख्य द्वार से शुरू होकर पूरे परिसर में भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य इस संदेश को हर स्तर तक पहुंचाना है। पदयात्रा के दौरान उत्साहपूर्ण नारे लगाए गए और पोस्टर भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ सुनील कुमार, डॉ. मंगला यादव, उपकुलसचिव बबिता सिंह, डॉ. अनु त्यागी, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका और डॉ. सोनम झा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

