रितेश कनोजिया की रिपोर्ट: बस्ती
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!‘रामजी का पेड़ा’ और सोहर के माध्यम से बस्ती का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले मनीष मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बस्ती के विकास, युवाओं के रोजगार और भविष्य की योजनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बस्ती के विकास और जनता के हित के लिए यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया।

युवाओं और महिलाओं को रोजगार देना पहली प्राथमिकता
मनीष मिश्रा ने कहा कि उनका जन्म बस्ती में हुआ है और इसलिए बस्ती के लोगों के प्रति उनकी विशेष जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें आगे बढ़ाना उनका पहला कर्तव्य है। उनका उद्देश्य है कि बस्ती के हर घर तक रोजगार के अवसर पहुंचें और जिले के विकास को नई दिशा मिले।
बस्ती के विकास के लिए चुनाव लड़ने के दिए संकेत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि बस्ती के विकास और जनता के हित के लिए चुनाव लड़ना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
जल्द होंगी कई बड़ी घोषणाएं
मनीष मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में बस्ती के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि धरातल पर काम करके जिले के विकास को नई गति देना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर जीडी मिश्रा, संजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास, रोजगार और सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
बस्ती को नई पहचान दिलाने का लक्ष्य
मनीष मिश्रा ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि बस्ती को विकास, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे आने और जिले के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

