स्टेट हेड प्रियांशु मिश्रा
फतेहपुर, बाराबंकी। महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री—दो ऐसे महान व्यक्तित्व, जिन्होंने अपने जीवन से सत्य, सादगी, ईमानदारी, अहिंसा और राष्ट्रसेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई है। इन्हीं महान विभूतियों के आदर्शों को याद करते हुए शुक्रवार की रात बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे में एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कस्बे के सट्टी बाजार स्थित अहमद एजुकेशनल एकेडमी में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब फतेहपुर की ओर से किया गया। कार्यक्रम गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारों ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी को केवल जयंती के अवसर पर याद करना ही पर्याप्त नहीं है। उनके विचारों और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन और कार्यशैली का हिस्सा बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रेस क्लब फतेहपुर के अध्यक्ष नलिन कुमार निगम ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चाई, ईमानदारी और कर्तव्य के रास्ते पर चलते हुए समाज और देश की सेवा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हमें सत्य बोलने, स्वच्छता को अपनाने, मेहनत करने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाने का संकल्प लेना चाहिए।
नलिन कुमार निगम ने पत्रकारिता के दायित्वों पर भी विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्पक्षता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभानी चाहिए। उन्होंने पत्रकार साथियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रेस क्लब का गठन पत्रकारों के हितों की रक्षा और आवश्यकता के समय साथी पत्रकारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब फतेहपुर केवल पत्रकार हितों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाता रहेगा। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग और एकजुटता को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी है।
इसके बाद महामंत्री अहमद सईद ने महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन सादगी, सत्य, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज तेजी से बदल रहा है, ऐसे में गांधी और शास्त्री के विचारों की प्रासंगिकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने कहा कि दोनों महान नेताओं ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि देश की सेवा केवल बड़े पद पर पहुंचकर ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाकर भी की जा सकती है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का मार्ग तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और ईमानदारी आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन में जिन मूल्यों को अपनाया, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बने रहेंगे।
वहीं उपाध्यक्ष हयातुर्हमान ने कहा कि महापुरुषों को याद करने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों को अपने व्यवहार में उतारना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम गांधी जी के सत्य और अहिंसा तथा शास्त्री जी की सादगी और ईमानदारी को अपने जीवन में अपना सकें, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान कोषाध्यक्ष अशोक कुमार रस्तोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने एक गीत के माध्यम से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को उपस्थित लोगों के सामने प्रस्तुत किया। गीत के माध्यम से दोनों महान विभूतियों के राष्ट्र के प्रति योगदान और उनके विचारों को याद किया गया।
इस अवसर पर संगठन मंत्री सचिन कुमार सहित प्रेस क्लब के सदस्य रिजवान मुनीर, जावेद अख्तर, मोहम्मद गुफरान और प्रियांशु मिश्रा ने भी अपने-अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता की भूमिका और पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि एक पत्रकार का दायित्व केवल खबरों को सामने लाना ही नहीं, बल्कि तथ्यों के प्रति ईमानदार रहना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना भी है। निष्पक्षता, सत्य और कर्तव्यनिष्ठा पत्रकारिता की बुनियादी ताकत हैं।
गोष्ठी का समापन गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा पत्रकारिता को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
फतेहपुर में आयोजित यह विचार गोष्ठी केवल दो महान नेताओं की जयंती का कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इसने सत्य, सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और जिम्मेदार पत्रकारिता जैसे मूल्यों पर गंभीर विचार का अवसर भी दिया। कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने यह संदेश दिया कि महापुरुषों की विरासत को केवल शब्दों में याद करने के बजाय उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है।

