📍 बस्ती | संवाददाता: रितेश कनौजिया
बस्ती जनपद में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली नोट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से ₹4,20,000 के नकली नोट, 7 मोबाइल फोन और 3 मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!🔴 क्या है पूरा मामला?
दिनांक 11 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकली नोट चलाने वाला गैंग बक्सई घाट पुल के पास सक्रिय है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- मुस्तफा (बलरामपुर)
- नबीउल्लाह (बलरामपुर)
- नबीउल्लाह उस्मानी (महराजगंज)
- हबीर्बुर्रहमान (संतकबीरनगर)
- मणिकांत चौधरी (नेपाल मूल, वर्तमान महराजगंज)
💰 बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने बरामद किया:
- ₹4,20,000 के नकली नोट
- ₹500 के 5 बंडल
- ₹200 के 5 बंडल
- ₹100 के 7 बंडल
- 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- 3 मोटरसाइकिल
⚠️ कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को “पैसा दोगुना करने” का लालच देकर ठगी करते थे।
👉 उनका तरीका:
- नकली नोट की गड्डी के ऊपर-नीचे असली नोट लगाते थे
- बैंक के बाहर लोगों को टारगेट करते थे
- लालच देकर असली पैसे लेकर नकली नोट थमा देते थे
गिरोह बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जैसे जिलों में सक्रिय था।
📜 पहले भी दर्ज हैं केस
कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है:
- नबीउल्लाह उस्मानी पर पहले से फर्जी नोट और चोरी के केस दर्ज
- हबीर्बुर्रहमान पर धोखाधड़ी और धमकी के मामले
⚖️ कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना वाल्टरगंज में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
🚔 ऑपरेशन में शामिल टीम
इस कार्रवाई में थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही। टीम का नेतृत्व थानाध्यक्ष शशांक सिंह और स्वाट प्रभारी शेषनाथ यादव ने किया।
🧾 निष्कर्ष (Conclusion)
बस्ती पुलिस की इस कार्रवाई से नकली नोट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह सफलता न केवल अपराध पर अंकुश लगाने में मदद करेगी बल्कि आम लोगों को ठगी से भी बचाएगी।

