रिपोर्ट: शेषनाथ पाठक, ब्यूरो गोरखपुर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गोरखपुर। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए गोरखपुर पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए छह पीड़ितों की कुल ₹44,825.74 की धनराशि वापस कराकर पुलिस ने उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है।
त्वरित कार्रवाई से वापस मिली रकम
पुलिस अधीक्षक नगर एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में, क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक एम्स के नेतृत्व में साइबर हेल्प डेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की शिकायतों पर कार्य किया।
पीड़ितों द्वारा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर संबंधित खातों में गई धनराशि को होल्ड एवं लीन कराकर वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
छह पीड़ितों को मिली राहत
साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के चलते कुल छह पीड़ितों की ₹44,825.74 की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने से धोखाधड़ी की रकम को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने में मदद मिली।
साइबर अपराध के मामलों में सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, निवेश संबंधी झांसे या संदिग्ध कॉल से सावधान रहें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
समय पर शिकायत है सबसे बड़ा हथियार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि धनराशि को होल्ड कर वापस कराया जा सके।
गोरखपुर पुलिस की अपील
गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों से डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का अनुरोध किया है।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता और त्वरित शिकायत दोनों ही अत्यंत आवश्यक हैं।
संदेश:
“साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, तुरंत 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।”

