जौनपुर में मंगलवार को भाजपा महिला मोर्चा ने समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने के विरोध में लोहिया पार्क परिसर में आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा और समाजवादी पार्टी के खिलाफ तख्तियां लेकर नारेबाजी की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर मुख्य अतिथि महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रागिनी सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध कर सपा और कांग्रेस ने अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की आधी आबादी आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब देगी। रागिनी सिंह ने यह भी बताया कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विरोध सपा और अन्य विपक्षी दलों को 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों में भारी पड़ेगा।
जिला मंत्री अंशु कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को उनका हक और सम्मान दे रही है। उन्होंने जौनपुर के सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राजनीतिक इतिहास में महिलाओं के हितों की हमेशा अनदेखी हुई है।
कार्यक्रम में उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। उन्होंने संकल्प लिया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और भाजपा सरकार की महिला हितैषी नीतियों के बारे में जागरूक करेंगी।
नीलम अग्रहरि ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त कर रही थी, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जिसमें जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा भी शामिल थे। इसलिए वे धरने के माध्यम से उनका विरोध करने आई हैं।
इस अवसर पर विमला श्रीवास्तव, मिलन श्रीवास्तव, राखी सिंह, सुशीला सिंह, निशी सोनकर, पूनम, पूजा, शांति, मीता, मंगला, आशा, सुमन, सुभाना, लीलावती, विमला विंद, विमला मौर्य, रूपा अग्रहरि, प्रीति, संगीता, सुशीला विश्वकर्मा, विमला, चंद्रकला, मुन्नी देवी, दुलारी, गायत्री और सुमन सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

