Thursday, August 20, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशगोरखपुर के सदर अस्पताल में आयुष विभाग के अंतर्गत कार्यरत आयुर्वेदाचार्य चिकित्सा...

गोरखपुर के सदर अस्पताल में आयुष विभाग के अंतर्गत कार्यरत आयुर्वेदाचार्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय त्रिपाठी जी से कुछ रोगों के निदान के संबंध में खास बात-चीत

शेषनाथ पाठक ब्यूरो गोरखपुर

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

“वात-पित्त-कफ का महत्व और इनका हमारे स्वास्थ्य से संबंध।”

डॉ. संजय त्रिपाठी जी के अनुसार आयुर्वेद में यह मान्यता है कि वात,पित्त और कफ का संतुलन जब खराब होता है, तो यह हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है; इसलिए आयुर्वेदिक उपचार का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि त्रिदोषों का संतुलन बनाए रखा जाए। आयुर्वेद शरीर, मन और चेतना का संतुलन बनाए रखने में एक साथ काम करते हैं। कुल मिलाकर, इसका उद्देश्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, चाहे आप किसी भी उम्र के हों।
भौतिक शरीर में, वात गति और चाल सूक्ष्म ऊर्जा है । यह उदर,श्वास, हृदय की धड़कन सहित सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। संतुलन में, वात रचनात्मकता और लचीलेपन को बढ़ावा देता है। संतुलन न होने से, वात भय और चिंता पैदा करता है और जोड़ों के दर्द या आर्थराइटिस का कारण बनता है।
पित्त शरीर की उपापचय प्रणाली के रूप में व्यक्त करता है। यह पाचन, अवशोषण, आत्मसात, पोषण, उपापचय और शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। संतुलन में, पित्त समझ और बुद्धि को बढ़ावा देता है। संतुलन न होने से, पित्त क्रोध, घृणा और ईर्ष्या पैदा करता है। कफ वह ऊर्जा है, जो शरीर की संरचना – हड्डियों, मांसपेशियों आदि का निर्माण करती है,जो कोशिकाओं को एक साथ रखती है, जो पृथ्वी और जल से मिलकर बनती है। यह जोड़ों को चिकनाई देता है, त्वचा को मॉइस्चराइज़ करता है और प्रतिरक्षा को बनाए रखता है। संतुलन में, कफ को प्यार, शांति और क्षमा के रूप में व्यक्त किया जाता है। संतुलन से बाहर, यह लगाव, लालच और ईर्ष्या की ओर जाता है।

स्वस्थ वजन, त्वचा और बाल का रखरखाव,सही वज़न, निखरी त्वचा और घने, खूबसूरत बाल-स्वस्थ आहार और आयुर्वेदिक इलाजों के माध्यम से जीवनशैली में संशोधन करके शरीर से अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। आयुर्वेद खान-पान में सुधार लाकर एक स्वस्थ वजन को मेन्टेन करने में मदद करता है। ऑर्गेनिक और प्राकृतिक तरीकों से आप स्वस्थ त्वचा पा सकते है। सिर्फ यही नहीं, संतुलित भोजन, टोनिंग व्यायाम के मदद से न केवल आपका शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि मन भी प्रसन्न रहेग।

आयुर्वेदिक इलाज आपको तनाव से बचाने में मदद करता हैं-

योग, मेडिटेशन, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मसाज और हर्बल उपचारों का नियमित अभ्यास शरीर को शांत, डिटॉक्सिफाई और कायाकल्प करने में मदद करता है। टेंशन और चिंता को दूर रखने के लिए आयुर्वेद में अनुलोम विलोम , प्राणायाम,शिरोधारा, अभ्यंग, शिरोभ्यंग, और पादाभ्यंग जैसे व्यायामों की सलाह दिया जाता है।
उचित आहार की कमी, अस्वास्थ्यकर भोजन, दिनचर्या, अपर्याप्त नींद, अनियमित नींद पैटर्न और खराब पाचन से इन्फ्लेम्शन हो सकता है। न्यूरोलॉजिकल रोगों, कैंसर, मधुमेह, हृदय संबंधी समस्याओं, फुफ्फुसीय रोगों, गठिया, और कई अन्य रोगों का मूल कारण इन्फ्लेम्शन से शुरू होता है। सही समय पर कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन रक्त और पाचन तंत्र में विषाक्त पदार्थों को कम करता है। जिससे जीवन शक्ति और उच्च ऊर्जा प्राप्त होता है और साथ ही साथ मूड स्विंग्स और सुस्ती को कम करने में मदद करता है।

आखिर में,

डॉ. संजय त्रिपाठी जी का यही कहना है कि यदि व्यक्ति अपने जीवन शैली में नित्य योग करने एवं खान-पान और उचित आहार-संतुलन के साथ रहता है, तो वह अधिकतर रोगों से काफी हद तक मुक्ति पा सकता है।

RELATED ARTICLES

बाराबंकी में डिजिटल प्रतिभाओं का सम्मान, फतेहपुर में आयोजित हुआ भव्य क्रिएटर सम्मान समारोह

Editor : Priyanshu Mishra डिजिटल क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने की पहल बाराबंकी जिले के फतेहपुर क्षेत्र में डिजिटल क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं और क्रिएटरों को...

बाराबंकी के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, प्रसव के बाद ऑपरेशन में पेट में छोड़ दी गांज; मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

स्टेट हेड प्रियांशु मिश्रा बाराबंकी। जिले के फतेहपुर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता निशा देवी ने मुख्यमंत्री...

सहज रिटेल कम्पनी दे रही है झांसा: नहीं कर पा रहे हा जन सेवा केन्द्र संचालक ठीक से काम

तहसील फतेहपुर बाराबंकी : सहज रिटेल कम्पनी द्वारा हर ग्राम में अपने जन सेवा केन्द्र संचालक जुड़े हुए है जो ग्रामीण सेवाएँ प्रदान करते...

Most Popular

Recent Comments

ЁЯФ┤
рд╕рдВрдпреБрдХреНрдд рдЙрджреНрдпреЛрдЧ рд╡реНрдпрд╛рдкрд╛рд░ рдордВрдбрд▓ рдХреА рдмреИрдардХ рд▓рдЦрдирдК рдЧреЛрдорддреА рдирдЧрд░ рдореЗрдВ рд╕рдореНрдкрдиреНрди рд╣реБрдИ тАв рдЧрдгрддрдВрддреНрд░ рджрд┐рд╡рд╕ рдХреА рдкреВрд░реНрд╡ рд╕рдВрдзреНрдпрд╛ рдкрд░ рдЖрдо рдЖрджрдореА рдкрд╛рд░реНрдЯреА рдХреА рддрд┐рд░рдВрдЧрд╛ рдкрджрдпрд╛рддреНрд░рд╛ тАв рдбреЙ. рдиреЗрд╣рд╛ рд╕реЛрд▓рдВрдХреА рдХреЛ рдорд┐рд▓рд╛ рдЧрд┐рдиреАрдЬ рд╡рд░реНрд▓реНрдб рд░рд┐рдХреЙрд░реНрдб рдкреНрд░рдорд╛рдгрдкрддреНрд░
Enable Notifications OK No thanks