रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बस्ती मंडल में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा राजस्व वसूली की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में तीनों जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान राजस्व वसूली, परिवहन व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, न्यायालय संबंधी मामलों और सड़क सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें और जिन विभागों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
राजस्व वसूली में तेजी लाने पर विशेष जोर
बैठक के दौरान राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित वसूली मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की वसूली प्रतिशत कम है, वे नियमित मॉनिटरिंग करें और लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान संचालित करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही राजस्व संग्रहण में आने वाली बाधाओं को चिन्हित कर उनका समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।
डग्गामार वाहनों पर चलेगा अभियान
बैठक में परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रही। मंडलायुक्त ने प्रवर्तन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध रूप से संचालित होने वाले डग्गामार वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर निजी वाहनों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन होता है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
इसके अलावा ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाएं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
नंबर प्लेट और ओवरस्पीड वाहनों पर विशेष निगरानी
बैठक में मौजूद पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव त्यागी ने वाहन जांच को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन वाहनों की नंबर प्लेट अस्पष्ट है या नियमों के अनुरूप नहीं है, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने की बात कही गई।
डीआईजी ने यह भी कहा कि ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए, क्योंकि ऐसे वाहन सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग को दिए गए निर्देश
जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर सैंपलिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मिलावटखोरी और मानकों के विपरीत उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
लंबित न्यायालयी मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
बैठक में विभिन्न न्यायालयी मामलों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि धारा 44, 80 और 116 से संबंधित लंबित प्रकरणों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।
विभागीय समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता
बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से समीक्षा करें और समस्याओं का समाधान आपसी सहयोग से करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और निर्देशों का लाभ आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में बस्ती की जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., संतकबीरनगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार सहित तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
इसके अलावा आरटीओ फरूउद्दीन, डीएफओ डॉ. शिरिन, खान अधिकारी प्रशांत यादव, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार मौर्य, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर प्रभाकर सरोज, उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद ज्योति यादव तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
निष्कर्ष
बस्ती मंडल में आयोजित इस समीक्षा बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, राजस्व वसूली और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में अवैध गतिविधियों, यातायात नियमों के उल्लंघन, मिलावटखोरी और लंबित प्रशासनिक मामलों के खिलाफ कार्रवाई और अधिक तेज होगी। प्रशासन का उद्देश्य बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करना और आम जनता को सुरक्षित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

