जौनपुर में बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। अब उनकी लिखित सहमति के बिना स्मार्ट मीटर को ‘प्रीपेड मोड’ पर नहीं डाला जाएगा। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना 1 अप्रैल से प्रभावी हो गई है। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो मामूली बकाए पर कनेक्शन कटने की समस्या से जूझ रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई अधिसूचना के अनुसार, संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भारतीय मानक के अनुरूप स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि, इन मीटरों को उपभोक्ता की स्पष्ट लिखित सहमति के बिना प्रीपेड मोड में परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा। यह नियम केंद्रीय विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुरूप पुराने विनियमों में संशोधन के बाद लागू किया गया है।
पहले यह प्रावधान था कि स्मार्ट मीटर अनिवार्य रूप से प्रीपेड मोड में ही काम करेंगे। इस अनिवार्यता को अब समाप्त कर दिया गया है और इसे उपभोक्ता की सहमति से जोड़ दिया गया है। यह बदलाव उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जौनपुर में वर्तमान में 1.75 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिनमें से विभाग ने पहले ही 1.45 लाख मीटरों को प्रीपेड मोड में बदल दिया था। यह नई अधिसूचना उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनके मीटर अभी प्रीपेड नहीं हुए हैं या जो भविष्य में स्मार्ट मीटर लगवाएंगे।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (सर्किल प्रथम) मनोज कुमार गुप्त ने बताया कि जिले में केवल स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर को प्रीपेड में बदलने का निर्णय उच्च स्तर से लिया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में प्रीपेड से संबंधित कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और शासन स्तर से जो भी व्यवस्था और गाइडलाइन लागू की जाएगी, उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

