ब्यूरो चीफ अंकुर यादव
वाराणसी: धर्म और शिक्षा की नगरी काशी शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। शहर के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बीएससी चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को पुरानी रंजिश के चलते करीब 8 गोलियां मारी गईं। वारदात के बाद कॉलेज परिसर छावनी में तब्दील हो गया है और छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वाराणसी: धर्म और शिक्षा की नगरी काशी शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। शहर के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बीएससी चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को पुरानी रंजिश के चलते करीब 8 गोलियां मारी गईं। वारदात के बाद कॉलेज परिसर छावनी में तब्दील हो गया है और छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रिंसिपल के सामने हुई फायरिंग, मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों और आक्रोशित छात्रों का आरोप है कि यह दुस्साहसिक वारदात कॉलेज के प्रिंसिपल के सामने अंजाम दी गई। हमलावर भी छात्र ही बताया जा रहा है, जिसने सूर्य प्रताप को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, “हवा में बम फटने जैसी आवाजें गूंजीं। जब हम बाहर आए तो देखा कि आरोपी सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहा था। बीच-बचाव करने की कोशिश की गई तो आरोपी ने उन पर भी असलहा तान दिया।”
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
वारदात के तुरंत बाद लहूलुहान सूर्य प्रताप को आनन-फानन में BHU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर में अत्यधिक गोलियां लगने के कारण उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही कॉलेज के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
परिसर में भारी तोड़फोड़ और प्रदर्शन
छात्र की मौत से आक्रोशित छात्रों ने यूपी कॉलेज के गेट को बंद कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गुस्साए छात्रों ने कॉलेज कैंपस में जमकर उत्पात मचाया और कुर्सी-मेज समेत कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने पूरे परिसर को खाली कराया और भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।
पुरानी रंजिश बताई जा रही वजह
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। पुलिस हमलावर की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वाराणसी पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

