रिपोर्ट: प्रियांशु मिश्रा
फतेहपुर तहसील सभागार में रविवार को स्वर्गीय विजयराम जायसवाल की स्मृति में एक भावुक श्रद्धांजलि एवं शोक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकारों, समाजसेवियों, शिक्षकों, व्यापार मंडल पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार का वातावरण गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्वर्गीय विजयराम जायसवाल को याद करते हुए लोगों ने उनके सामाजिक योगदान, सरल स्वभाव और जनसेवा की भावना को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के हर वर्ग के लोगों के बीच रहकर सेवा और सहयोग का कार्य किया। उनका निधन केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय विजयराम जायसवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद हर व्यक्ति ने उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को याद करते हुए भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में शामिल लोगों ने कहा कि विजयराम जायसवाल हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनका व्यवहार बेहद विनम्र और मिलनसार था, जिसके कारण समाज के हर वर्ग में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।
समाज सेवा को समर्पित था जीवन
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राजेश जायसवाल ने कहा कि स्वर्गीय विजयराम जायसवाल का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि वे सादगी, ईमानदारी और सेवा भावना के प्रतीक थे।
राजेश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के लिए कार्य करें। विजयराम जायसवाल ने हमेशा लोगों को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का काम किया। उनके निधन से क्षेत्र ने एक कर्मठ और सम्मानित व्यक्ति को खो दिया है।
लोगों ने साझा किए पुराने संस्मरण
कार्यक्रम में मौजूद कई वक्ताओं ने स्वर्गीय विजयराम जायसवाल से जुड़े पुराने संस्मरण साझा किए। लोगों ने बताया कि वे हर परिस्थिति में लोगों का साथ देते थे और किसी भी जरूरतमंद की मदद करने में पीछे नहीं हटते थे।
वक्ताओं ने कहा कि उनका व्यवहार इतना आत्मीय था कि जो भी व्यक्ति एक बार उनसे मिलता, वह हमेशा उन्हें याद रखता था। वे समाज में भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य करते रहे।
सभा के दौरान कई लोगों की आंखें उस समय भर आईं जब उनके साथ बिताए गए पलों को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
हर वर्ग के लोगों में थी विशेष पहचान
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि विजयराम जायसवाल की पहचान केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं थी, बल्कि वे समाज के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह थे। वे हर वर्ग के लोगों के बीच समान रूप से लोकप्रिय थे।
लोगों ने कहा कि वे हमेशा सकारात्मक सोच के साथ समाज को आगे बढ़ाने की बात करते थे। उनका व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली था और वे अपने व्यवहार से लोगों का दिल जीत लेते थे।
उनकी असामयिक मृत्यु की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि उनका जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे पत्रकार और गणमान्य लोग
श्रद्धांजलि सभा में क्षेत्र के कई प्रमुख पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीके सिंह, राजीव नयन तिवारी, संजय शर्मा, फ़हीम सिद्दिकी, देवकली प्रसाद शुक्ला, नीरज शर्मा, प्रियांशु मिश्रा, हयातुर्रहमान, मनजीत निगम, नसीम नदवी, पंकज जैन, नफीस, संतोष गुप्ता, अनूप सिंह, गणेश शंकर मिश्रा, प्रियंक शर्मा, इंद्रजीत वर्मा, मोहम्मद फैसल और राजेश पाठक, रिजवान मुनीर, जावेद अख्तर, अम्बिका प्रसाद, संतोष कश्यप समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भावुक माहौल में संपन्न हुई श्रद्धांजलि सभा
कार्यक्रम का संचालन पत्रकार फहीम सिद्दीकी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान माहौल बेहद भावुक बना रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय विजयराम जायसवाल का व्यक्तित्व हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
सभा के अंत में ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति दें।
लोगों ने कहा कि समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां भी उनके कार्यों से प्रेरणा लेती रहेंगी।

