अनुराग तिवारी, ब्यूरो चीफ, अम्बेडकर नगर।
अम्बेडकरनगर। जनपद के बसखारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बीबीपुर गांव के निकट नहर की चल रही खुदाई स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। आरोप है कि खुदाई के दौरान निकाली जा रही मिट्टी को बिना किसी व्यवस्था के सड़क पर डाल दिया जा रहा है, जिससे पहले से बनी पक्की सड़क पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। इससे ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों का कहना है कि नहर की सफाई और खुदाई का कार्य बड़ी-बड़ी मशीनों से दिन-रात कराया जा रहा है। खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को सड़क किनारे व्यवस्थित ढंग से रखने के बजाय सीधे सड़क पर धकेला जा रहा है। नतीजतन, सड़क पर कीचड़ की मोटी परत जम गई है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
दिन के समय लोग किसी तरह सावधानी बरतते हुए इस रास्ते से निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। अंधेरे में सड़क और दलदल का अंतर समझ पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की लापरवाही के कारण आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था का ध्यान रखा जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
आखिर कौन है जिम्मेदार?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नहर खुदाई के दौरान सड़क पर मिट्टी डालने की अनुमति किसने दी? क्या कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की निगरानी की जा रही है, या फिर ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं?
कौन करेगा ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए। यदि ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती गई है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सड़क से मिट्टी हटाकर आवागमन को जल्द से जल्द सुचारु बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। विभाग की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

