जौनपुर में राष्ट्रवीर सेना ने सोमवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। संस्थापक/अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर की यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और महिला सुलभ शौचालय सहित कुल छह प्रमुख समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ज्ञापन में बताया गया कि नगर के मुख्य बाजार, जैसे भण्डारी और कोतवाली चौराहा से ओलन्दगंज तक, बड़ी संख्या में महिलाएं खरीदारी करती हैं। इसके बावजूद, बाजार में महिलाओं के लिए कोई सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं है। हरलालका रोड, किला रोड, खोआ मण्डी गली, शाही पुल और इन्द्रा मार्केट के सामने पहले मौजूद यूरिन टॉयलेट भी अब नष्ट हो चुके हैं। सेना ने अधिकारियों से शीघ्र यूरिन टॉयलेट की व्यवस्था कराने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने नगर में बढ़ती जाम की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। इस कारण आम जनता और स्कूली बच्चों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। जाम से निजात पाने के लिए सभी स्कूल बसों का नगर के अंदर संचालन बंद कर छोटे वाहनों के उपयोग का सुझाव दिया गया। साथ ही, शाही पुल पर चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
सुंदरता व मजबूती बनाए रखने की अपील की
जिले की ऐतिहासिक धरोहर शाही पुल की देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण होती स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया। पुल पर बनी गुमटियों पर पेड़-पौधे उग रहे हैं, जिससे इसकी संरचना और कमजोर हो रही है। राष्ट्रवीर सेना ने इस धरोहर की साफ-सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत कराकर इसकी सुंदरता व मजबूती बनाए रखने की अपील की।
स्मार्ट बिजली मीटरों की अनियमितताओं और अत्यधिक बिलिंग से जनता परेशान है। ज्ञापन में बताया गया कि 70-80 रुपये का बिल होने पर भी मीटर से विद्युत प्रवाह ऑनलाइन बंद कर दिया जा रहा है। बिल जमा करने के 12-24 घंटे बाद ही आपूर्ति बहाल होती है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रवीर सेना ने यह भी उल्लेख किया कि शुरुआत में स्मार्ट मीटर को अनिवार्य बताकर जनता को डराया गया और उनके मीटर बदल दिए गए। जबकि, सरकार की ओर से स्मार्ट मीटर की कोई अनिवार्यता नहीं है।

