भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच SDM टांडा शशि शेखर का तबादला, कार्रवाई पर उठे सवाल।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अनुराग तिवारी, ब्यूरो चीफ अम्बेडकर नगर।
अम्बेडकरनगर। टांडा के तत्कालीन उपजिलाधिकारी (SDM) शशि शेखर का शासन द्वारा एटा तबादला किए जाने के बाद जनपद में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। तबादले के साथ ही यह सवाल भी उठने लगे हैं कि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों और लंबित शिकायतों पर क्या आगे कोई विभागीय कार्रवाई होगी या मामला केवल स्थानांतरण तक ही सीमित रह जाएगा।
शशि शेखर के कार्यकाल के दौरान विभिन्न शिकायतों में भूमि एवं अतिक्रमण से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं, फर्जी नियुक्तियों की जांच में तथ्यात्मक त्रुटियों वाली रिपोर्ट प्रस्तुत करने, नगर निकायों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में देरी तथा आईजीआरएस शिकायतों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित न करने जैसे आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इन मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन शिकायतों की जांच किस स्तर तक पहुंची और उनमें क्या निष्कर्ष निकले। ऐसे में केवल तबादले के आदेश के बाद आम लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।
जनता के मन में उठ रहे प्रमुख सवाल।
- क्या केवल तबादला कर देने से अधिकारी की जवाबदेही समाप्त हो जाती है?
- यदि शिकायतों में दम है, तो विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई कब होगी?
- क्या लंबित शिकायतों का निस्तारण अब भी किया जाएगा?
- क्या नए जनपद में कार्यभार संभालने से पहले आरोपों की स्थिति स्पष्ट की जाएगी?
फिलहाल शासन की ओर से तबादले का आदेश जारी किया गया है, लेकिन शिकायतों और संभावित जांच को लेकर कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है।

