रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बस्ती जनपद में रविवार को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया। देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की उपलब्धियों के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 2500 महिलाओं ने एक साथ भगवान श्रीराम का पारंपरिक सोहर गाकर नया इतिहास रच दिया। इस अनूठे आयोजन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
यह कार्यक्रम पहल संस्था के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की शानदार झलक प्रस्तुत की। सामूहिक स्वर में गूंजते सोहर गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
महिलाओं ने दिया एकता और संस्कृति का संदेश
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने सामूहिक रूप से सोहर गान कर देश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। महिलाओं ने कहा कि देश में विकास और सुरक्षा का नया वातावरण बना है और नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या पर नियंत्रण देश की बड़ी उपलब्धि है।
महिलाओं ने प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश आज तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
पहल संस्था ने किया भव्य आयोजन
कार्यक्रम के आयोजक और पहल संस्था के संस्थापक समाजसेवी मनीष मिश्रा ने कहा कि देश वर्षों तक नक्सलवाद जैसी चुनौती से जूझता रहा, लेकिन केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रभावी रणनीति के कारण अब देश नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुरक्षा के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने सामूहिक सोहर गान के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि वे राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ आयोजन
कार्यक्रम में 2500 महिलाओं द्वारा एक साथ सोहर गाए जाने की उपलब्धि को आधिकारिक रूप से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। रिकॉर्ड दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आयोजन स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर पूरे बस्ती जिले में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने इसे जिले के गौरव और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान से जोड़कर देखा।
लोक संस्कृति और सनातन परंपरा की दिखी झलक
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक लोक संस्कृति और सनातन परंपरा की अद्भुत झलक देखने को मिली। महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से जुड़े पारंपरिक सोहर गीत प्रस्तुत किए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारतीय लोक परंपराएं आज भी समाज में जीवंत हैं और उन्हें आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
महिलाओं ने दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
मनीष मिश्रा ने कहा कि बस्ती की महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर जिले को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्ती जनपद विकास और सांस्कृतिक पहचान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।
जिले में दिखा उत्साह और गौरव
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए महिलाओं की भागीदारी की सराहना की।
इस भव्य आयोजन ने न केवल एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, बल्कि भारतीय संस्कृति, महिला शक्ति और सामाजिक एकता का भी मजबूत संदेश पूरे देश तक पहुंचाया।

