रिपोर्ट: रितेश कन्नौजिया, संवाददाता बस्ती
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बस्ती जनपद में आगामी 25 मई को होने वाले भव्य ‘रामजी का सोहर’ विश्व रिकॉर्ड आयोजन से पहले आयोजित रिहर्सल ने पूरे शहर को भक्तिमय रंग में रंग दिया। रिहर्सल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताएँ और बहनें पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही सामूहिक स्वर में ‘रामजी का सोहर’ गूंजा, वहां मौजूद हर व्यक्ति भावविभोर हो उठा।
रिहर्सल के दौरान दिखाई दिया उत्साह यह संकेत दे रहा है कि मुख्य आयोजन बेहद ऐतिहासिक और भव्य होने वाला है। पूरे वातावरण में भक्ति, संस्कृति और सनातन परंपरा की अद्भुत झलक देखने को मिली।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। रंग-बिरंगे परिधानों और भक्ति गीतों के बीच पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। सामूहिक रूप से गाए गए ‘रामजी का सोहर’ ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया।
रिहर्सल देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
2100 माताएँ-बहनें बनाएंगी विश्व रिकॉर्ड
आयोजकों के अनुसार, 25 मई को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में करीब 2100 माताएँ-बहनें एक साथ ‘रामजी का सोहर’ गाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगी। इसके लिए कई दिनों से तैयारियाँ चल रही हैं और रिहर्सल उसी का हिस्सा थी।
आयोजकों ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर सामूहिक सोहर गायन का आयोजन अपने आप में अनूठा होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना भी है।
महिलाओं के उत्साह ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
रिहर्सल में शामिल महिलाओं का उत्साह देखने लायक था। महिलाओं ने कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उनके अनुसार यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कई महिलाओं ने कहा कि भगवान श्रीराम से जुड़ा यह आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संदेश भी देगा। उन्होंने आयोजकों की मेहनत और व्यवस्था की भी सराहना की।
पूरे शहर में बना भक्तिमय माहौल
रिहर्सल के दौरान पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। सोहर की मधुर धुनों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने इस आयोजन को बस्ती जिले के लिए गौरव का विषय बताया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और देशभर में बस्ती को नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होंगे।
आयोजकों ने जताया आभार
रिहर्सल के सफल आयोजन के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी माताओं-बहनों और सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग और उत्साह की बदौलत ही इतना बड़ा आयोजन संभव हो पा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि मुख्य कार्यक्रम को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
बस्ती के लिए गौरव का अवसर
‘रामजी का सोहर’ विश्व रिकॉर्ड आयोजन को लेकर जिले के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बस्ती जिले का नाम रोशन करेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को भी विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
भक्ति, संस्कृति और परंपरा के इस अद्भुत संगम ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय लोक परंपराएँ आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और उन्हें संजोकर रखने की आवश्यकता है।

