Thursday, April 30, 2026
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यूपी का ‘शातिर’ अफसर: 4.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने पहुंची पुलिस के उड़े होश, खाली हाथ लौटी सरकार

वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में बर्खास्त समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने कुर्की आदेश से पहले सीतापुर में अपनी अचल संपत्ति बेच दी। 2.52 करोड़ के घोटाले के बाद 4.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क होनी थी। पुलिस लखनऊ में भवन और वाहनों की जानकारी जुटाने व कुर्की में विफल रही, जिससे सरकार को खाली हाथ लौटना पड़ा। यह मामला शाहजहांपुर से जुड़ा है।

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शाहजहांपुर। 2.52 करोड़ रुपये के वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में बर्खास्त समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार शातिर निकला। कुर्की के आदेश से पहले ही उसने सीतापुर में अपनी अचल संपत्ति बेच दी। लखनऊ में जो भवन कुर्क किए होने थे उनकी पुलिस जानकारी नहीं जुटा सकी है। वाहनों की कुर्की के लिए परिवहन विभाग के अधिकारी पत्र लिखने तक सीमित रहे।

समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2022 में वृद्धावस्था पेंशन घोटाला हुआ था। उस समय यहां तैनात रहे मऊ निवासी समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने गिरोह बनाकर आपरेटरों की मदद से लाभार्थियों के खाते बदल दिए थे। इसके बाद इन खातों में पेंशन का रुपया ट्रांसफर करके हड़प लिया था। राजेश सहित नौ आरोपितों को जेल भेजा गया था।

इसके बाद वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर तो आ गया, लेकिन शासन की जांच में दोषी पाए जाने पर नवंबर 2025 में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। राजेश पर गैंगस्टर लगाने के साथ ही फरवरी में जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने उसकी सीतापुर व लखनऊ में 4.50 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था।

प्रक्रिया के लिए दोनों जिलों के जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भी लिखा था। रामचंद्र मिशन पुलिस ने आदेश की प्रति तो दोनों जनपदों में भिजवा दी, लेकिन उसके बाद ध्यान नहीं दिया। मुख्य आरोपित के हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की चर्चाएं तेज हुईं तो सीतापुर व लखनऊ में टीमें भेजी गईं।

इसमें पता चला कि राजेश ने सीतापुर के अटरिया में 31 लाख 40 हजार व 20 लाख 18 हजार मूल्य के दो खेत गत वर्ष नवंबर में ही बेच दिए थे। उसने यह बिक्री कुर्की के आदेश से पहले की थी, इसलिए संबंधित खरीदार पर भी कोई कार्रवाई हाेना मुश्किल है।

राजेश की पत्नी मंगीता कुमार के नाम लखनऊ के पारा में 11 लाख 28 हजार 948 व काकोरी में दो करोड़ 39 लाख 85 हजार रुपये के गेस्ट हाउस को भी कुर्क किया जाना था, लेकिन इसमें भी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

वाहनों को लेकर भी जानकारी नहीं
अचल संपत्तियों में राजेश की नौ लाख 20 हजार रुपये की एक्सयूवी कार, छह लाख 30 हजार की बोलेरो व बेटे अरिन मंगलम के नाम पर खरीदी गई 14 लाख रुपये की एक अन्य कार कुर्क होनी थी। इसके लिए एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह को सीतापुर व लखनऊ के एआरटीओ के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करानी थी।

मगर एआरटीओ ने पत्र लिखने के बाद पुलिस व दोनों जनपदों के अधिकारियों के भरोसे कार्यवाही छोड़ दी। उन्होंने बताया कि तीनों वाहनों को काली सूची में डालने का पत्र लिखा था। आगे की कार्रवाई करके पुलिस उन्हें जानकारी देगी।

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