वाराणसी : उदय प्रताप (UP) कॉलेज के बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के दूसरे आरोपी अनुज मौर्य ने मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मनीष कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है पूरा मामला?
बीती 20 मार्च को यूपी कॉलेज परिसर के भीतर छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे वाराणसी में आक्रोश पैदा कर दिया था। वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसका साथी अनुज मौर्य फरार चल रहा था। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के चलते अंततः अनुज ने कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया।
वर्चस्व और रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि छात्र की हत्या के पीछे आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई थी। पिटाई और रैगिंग जैसी घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। मुख्य आरोपी मंजीत चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि अपमान का बदला लेने के लिए उसने सूर्य प्रताप की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
कॉलेज प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इस हत्याकांड के बाद यूपी कॉलेज प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य आरोपी मंजीत चौहान का ऑनलाइन पोर्टल ब्लॉक कर दिया गया है और उसे कॉलेज से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अब आगे क्या?
अनुज मौर्य के सरेंडर के बाद अब पुलिस दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है। पुलिस इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार और साजिश में शामिल अन्य संभावित कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज इस केस में सजा दिलाने के लिए मुख्य आधार बनेंगे।

