निष्पक्ष पत्रकार समाचार/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/सूरतगंज बाराबंकी। ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप जांच टीम पर भी उठे सवाल/बेलहरा/ब्लॉक सूरतगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत विशुनपुर में ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्राम पंचायत के ही आशीष तिवारी ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रार्थी का आरोप है। कि ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। और जांच टीम द्वारा भी अनुचित लाभ लेकर जांच पूरी की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान इंटरलॉकिंग लगी नहीं है। और पैसा निकाल लिया है कई ऐसी इंटरलॉकिंग है जो पहले के कार्यकाल में लगी थी और उन्हें पुनः नाम बदलकर और कागज पर दिखाकर पैसा निकाला गया है-पूरी ग्राम पंचायत में दो दर्जन से ज्यादा नल बेकार पड़े हैं रिबार के नाम पर लाखों रुपए गमन किए गए हैं ग्राम पंचायत में नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। जिससे लोगों के घरों के सामने पानी भर रहा है और नाली के नाम पर पैसे निकाल कर बंदर बात की गई है वहीं फागिंग मशीन खरीदने के नाम पर भी पैसा लिया गया लेकिन ग्राम पंचायत में कोई फागिग मशीन नहीं खरीदी गई ग्राम पंचायत में एक दर्जन के करीब आईसीसी इंटरलॉकिंग दिखाकर पैसा निकाला गया है लेकिन जमीन पर कोई भी काम नहीं हुआ है/माननीय उच्च न्यायालय का आदेश-प्रार्थी ने माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने 04 माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जांच टीम आई और बिना प्रार्थी को नोटिस दिए और साक्ष्य लिए जांच पूरी कर ली। जांच टीम पर भी आरोप प्रार्थी ने जांच टीम पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से अनुचित लाभ लेकर जांच पूरी की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने प्रार्थी से कहा कि तुम्हारे यहां की जांच हो गई है और विकास खण्ड में आकर मिलो हम तुम्हारा प्रधान से समझौता करा देंगे==प्रार्थी की मांग==प्रार्थी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्रार्थीगणों की उपस्थिति में स्थलीय जांच कराकर और प्रार्थीगणों से साक्ष्य लेकर ग्राम प्रधान और दोषी कर्मचारियों के भ्रष्ट आचरण के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। प्रार्थी का कहना है कि एक काम पर कई-कई बार नाम बदलकर पैसा निकाला गया है। जिसके साक्ष्य भी प्रार्थी के पास उपलब्ध हैं==निष्पक्ष जांच की आवश्यकता==इस मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जा सके। जिलाधिकारी को इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और प्रार्थी की मांग के अनुसार जांच करानी चाहिए।
रिपोटर मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी
