बाराबंकी पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे मे/हेड कांस्टेबल इमरान बना कोतवाल/अरविन्द का मोबाईल लेकर जबरन वसूली का मामला थाना कोठी मे आया सामने

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निष्पक्ष पत्रकार समाचार/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/कोठी बाराबंकी। सुर्खियों मे आई यूपी की बाराबंकी पुलिस घूसखोरी का अड्डा बना कोठी थाना हेड कांस्टेबल इमरान पर लगे गंभीर आरोप/उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि पर एक बार फिर बदनुमा दाग लगा है। इस बार मामला बाराबंकी जनपद के कोठी थाने का है। जहां पर एक हेड कांस्टेबल पर घूस मांगने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के मुताबिक,हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान ने एक व्यक्ति का मोबाइल फोन जबरन थाने लाकर उसे वापस करने के लिए पैसो कु डिमांड रखी मामला सराय नजर के रहने वाले अरविंद पाल से जुड़ा है। अरविंद अपने पिता के इलाज के लिए कोठी कस्बे आए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई तो उन्होंने एक दुकान पर फोन चार्जिंग पर लगा दिया। आरोप है कि तभी कोठी थाने के हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान वहां पहुंचे और अरविंद का फोन अपने कब्जे में लेकर थाने आ गए।पीड़ित अरविंद ने बताया कि हेड कांस्टेबल इमरान दूसरे मामले की जांच के लिए आए थे। लेकिन जब उन्होंने बताया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और फोन पर उनकी बहन का जरूरी कॉल आ रहा था। वर्दीधारी इमरान की हुई एंट्री लाख पीड़ित के मना करने के बाद भी नहीं माने उन्होंने पीड़ित अरविंद का फोन थाने ला कर रख लिया और उसे फोन वापस करने के लिए लगातार थाने के चक्कर लगवाते रहे। यही नहीं वर्दीधारी हेड कांस्टेबल इमरान ने फोन वापस करने के लिए अरविंद से घूस की मांग भी की जब पीड़ित अरविंद ने घूस देने से मना किया तो इमरान ने धमकाते हुए कहा कि अब फोन कोर्ट से ही रिलीज होगा। इस मामले की जानकारी जैसे ही कोठी थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह को मिली उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया उन्होंने हेड कांस्टेबल इमरान को कड़ी फटकार लगाई और पीड़ित अरविंद का फोन वापस दिलवाया यह पहली बार नहीं है जब हेड कांस्टेबल इमरान पर इस तरह के आरोप लगे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि इमरान अवैध वसूली के लिए जाने जाते हैं। बताया जाता है कि वह थाने के बाहर ही मामलों को सुलझाकर मोटी रकम कमाते हैं। लोगों का कहना है कि वह थाने के बाहर ही अपना थाना सजा लेते हैं और फील्ड में गश्त करने के बजाय रात में अपने कमरे में आराम फरमाते हैं। इस तरह की घटनाएं पुलिस विभाग की साख पर सवाल उठाती हैं। अब देखना यह होगा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग हेड कांस्टेबल इमरान पर क्या कार्रवाई करता है। क्या उन पर सिर्फ फटकार लगाकर छोड़ दिया जाएगा या उन्हें उनके गलत कामों के लिए कड़ी सजा मिलेगी।

रिपोटर मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी

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