निष्पक्ष पत्रकार समाचार/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/बाराबंकी। मौलाना आज़ाद इंस्टिट्यूट में काकोरी के क्रांतिकारी शहीदों को श्रद्धांजलि/डॉक्टर अम्मार रिज़वी ने युवाओं से देशभक्ति, ईमानदारी और नैतिक चेतना अपनाने का आह्वान किया-किसी भी राष्ट्र के इतिहास में कुछ क्षण और कुछ लोग हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। काकोरी रेल कांड भी ऐसे ही क्रांतिकारी क्षणों में से एक है जिसने आज़ादी की लड़ाई को नई ऊर्जा दी। ऐसी ऐतिहासिक घटना के शहीदों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल,अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ और ठाकुर रोशन सिंह की याद में आज मौलाना आज़ाद इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमैनिटीज़,साइंस एंड टेक्नोलॉजी, महमूदाबाद (सीतापुर) में एक भावपूर्ण और गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित करने और मौन श्रद्धांजलि के साथ हुई। वातावरण भावनाओं से भरा हुआ था। और सभी की आँखों में गर्व और श्रद्धा के भाव झलक रहे थे। हर चेहरे पर शहीदों के लिए सम्मान और देश के प्रति प्रेम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं सचिव तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉक्टर अम्मार रिज़वी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि काकोरी के शहीद केवल इतिहास के पात्र नहीं हैं, बल्कि वे हमारे अंतरात्मा के रक्षक और देशभक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने हमें यह सिखाया कि देश के लिए जीना भी इबादत है और मरना भी महानता का प्रतीक अगर आज की पीढ़ी उनके संदेश को समझे तो वह न केवल एक बेहतर नागरिक बन सकती है बल्कि एक बेहतर इंसान भी। डॉक्टर रिज़वी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ज़िंदगी में ईमानदारी,सत्य और नैतिक मूल्यों को अपनाएं और शहीदों के पदचिह्नों पर चलते हुए देश और समाज की सेवा करें। कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं,शिक्षकों,समाजसेवियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के अंत में पूरे सम्मान के साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया और शहीदों की स्मृति में मौन रखा गया।संस्थान की ओर से यह संकल्प लिया गया कि इस तरह के आयोजन आगे भी होते रहेंगे ताकि नई पीढ़ी अपने अतीत के बलिदानों से परिचित हो और देशभक्ति की ज्योति हर दिल में जलती रहे।
रिपोटर मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी
